समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को रामपुर पहुंचे जहां उन्होंने वरिष्ठ नेता आज़म खान से मुलाकात की यह मुलाकात आजम खान की जेल से रिहाई के बाद दोनों की आमने सामने प्रथम मुलाकात थी ।
अखिलेश ने लखनऊ से उड़ान भरी और बरेली हवाई अड्डे पर उतरे वहां से हेलीकॉप्टर की मदद से भी जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पत्र जहां आजम खान ने खुद उन्हें रिसीव किया बाद में दोनों एक ही वहां से आजम खान के निवास स्थल पर पहुंचे ।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लगभग 2 से 3 घंटे तक वार्ता हुई मुलाकात के मध्य आजम खान ने यह शर्त रखी थी की बैठक से अखिलेश और स्वयं के बीच हो किसी अन्य पार्टी नेता या व्यक्ति की उपस्थिति ना हो ।
जेल में नहीं मिल सकते के कारण उन्होंने स्वीकार किया कि जब आजम खान जेल में थे उसे समय वह उनसे मिलने नहीं जा पाए इसका कारण उन्होंने समय न मिलाना बताया उन्होंने कहा कि आज की यह मुलाकात इसलिए आवश्यक थी कि वे आजम खान से हाल-चाल जाने और गिले शिकवे दूर करें ।
आजम खान को पार्टी की धड़कन बताया और कहा कि वह पार्टी का पुराना और महत्वपूर्ण स्तंभ है उन्होंने यह भी कहा मैं पहले नहीं पहुंच पाया था लेकिन अब आया हूं आजम खान हमारी पार्टी की धड़कन है इसके अलावा अखिलेश ने कहा कि पुराने लोगों की बात ही अलग होती है ।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आजम खान उनकी पत्नी और बेटे पर झूठे मुकदमे लगाए गए हैं उन्होंने वादा किया कि यदि सपा 2027 में सत्ता में आती है तो यह सभी मुकदमे में वापस लिए जाएंगे ।
वार्ता के पश्चात उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से दूरी थी लेकिन आज यह दूरी काटने की कोशिश हुई इस वार्ता को माध्यम बनाते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर लिखा क्या करें भला उसे मुलाकात की दास्तान जहां बस जज्बातों ने खामोशी से बात की ।
आगे उन्होंने कहा कि आजम खान को सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि सपा की जड़ और समर्थन माना जाना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस तरह के मुकद्दमें लगाकर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयत्न करती रही है ।
यह मुलाकात यह संदेश देती है कि सपा नेतृत्व आजम खान की नाराजगी को ध्यान में रख रहा है और उन्हें फिर से संगठन के केंद्र में लाना चाहता है आजम खान की वापसी उनकी शक्ति और प्रभाव लोकसभा या विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं के बीच उनके पेट है यह सभी बातें सपा के लिए राजनीतिक महत्व रखती हैं ।
मुलाकात के पहले से ही राजनीतिक अटकलें थी कि आजम खान बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो सकते हैं इस मुलाकात को इस तरह से भी देखा जा रहा है कि सपा नेतृत्व को वापस जोड़ने का प्रयास कर रहा है ,
रामपुर क्षेत्र में आजम खान की पकड़ सपा के लिए महत्वपूर्ण रही है इस मुलाकात को पश्चिमी यूपी में सपा के दायरे को मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है ।












