पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा उलट फेर देखने को मिला ,जब संगरूर नगर परिषद के 8 पार्षदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया ,इन पार्षदों ने पार्टी छोड़ने से राज्य की सत्ताधारी आप सरकार को एक बड़ा झटका लगा है, खासकर जब निकाय चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है ।
यह सभी पार्षद लंबे समय से पार्टी नेतृत्व स्थानीय प्रशासन से नाराज थे उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने संगरूर में संगठन की अनदेखी की है और कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही , पार्षदों ने कहा है कि वह जनता की समस्याओं को लेकर कई बार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिले लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया इससे नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने कानिर्णय लिया ।
इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने एकजुट होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहां किया वे स्वतंत्र रूप से जनता के मुद्दों पर काम करेंगे कुछ पार्षदों ने यह भी संकेत दिया कि वह जल्द ही किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि अगला कदम क्या होगा ।
इस घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी में हलचल मच गई है जो कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का गण माना जाता है वहां से 8 पार्षदों का पार्टी छोड़ने राजनीतिक रूप से गंभीर संकेत है विपक्षी दलों कांग्रेस और शिरोमणि अकाली ने इसे जनता के बीच आप की घटती लोकप्रियता को बताया ।
वही आम आदमी पार्टी के प्रवेश पर प्रदेश प्रवक्ता ने इस पूरे घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोगों के जाने से पार्टी कमजोर नहीं होती , उन्होंने दावा किया कि संगरूर और पूरे पंजाब में संगठन मजबूत है और जनता का विश्वास अभी भी आम आदमी पार्टी के साथ है प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है ।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले निकाय चावन और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पर असर डाल सकती है संगरूर में आपके लिए यह चेतावनी मानी जा रही है कि जमीनी स्तर पर संतोष बढ़ रहा है और नेतृत्व को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा इस तरह संगरूर में 8 पार्षदों का इस्तीफा नात शरीफ आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक झटका बल्कि आम संगठन के अंदर बढ़ते असंतोष का संकेत देता है ।












