भोपाल, 10 फरवरी मध्य प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर
41 से घटकर 37 हो गई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश देश के पांच शीर्ष राज्यों में शामिल
है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम
से उपचार में मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक से पहले
मंत्रियों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला
है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है।
गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपये अधिक मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7
फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपये अधिक है। उन्होंने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369
रुपये रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन
धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7
लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आह्वान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व
उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान
आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की
गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित
कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की
जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि
प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है।
प्रदेश के सभी अभयारण्यों में करेंगे रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्थामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में
वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की
योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां
अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित
करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो
रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द
ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का
शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव
से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली
भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास
भंडारण की समुचित व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई
स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की
अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के
संबंध में भी जानकारी दी।
मध्य प्रदेश 24












