नई दिल्ली, 16 फरवरी दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को भलस्वा
स्थित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) फ्लैट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने
कहा कि दिल्ली सरकार झुग्गी-झोपड़ी एवं स्लम बस्तियों में रहने वाले निवासियों को सम्मानपूर्वक
और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
मंत्री ने बताया कि यहां पर 7400 ईडब्लूएस फ्लैट्स बनाए गए है, जिनका समय पर आवंटन न होने
के कारण अब यह जर्जर हालत में है। इसके पुननिर्माण और मरम्मत आदि के कार्य करवाने के लिए
आज यह निरीक्षण गया है। उन्होंने कहा कि इन फ्लैट्स का निर्माण करदाताओं के पैसे से हुआ है,
इसलिए सरकार इनका समुचित विकास कर पात्र एवं योग्य लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से आवंटित
करने पर विचार कर रही है। फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और पुराने फ्लैट्स की
तकनीकी जांच की जा रही है।
शहरी विकास मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि किसी भी झुग्गी निवासी को
विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्हें इन-सीटू डेवलपमेंट, री-डेवलपमेंट अथवा रिहैबिलिटेशन प्लान के
तहत सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के
मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। शहरी विकास
मंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी
को बेहतर, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन का अवसर प्रदान करना भी है।












