काईट कॉलेज में आयोजित इन्नोटेक 2025 कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज का भारत केवल विज्ञान और तकनीक में ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर उन्होंने देश की उभरती युवा प्रतिभाओं की विशेष रूप से सराहना की और कहा कि भारत के युवाओं की क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद्, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित थे। डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्रों में जो प्रगति की है, वह देश के विकास की दिशा को तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि आज भारत न केवल वैश्विक स्तर पर उभरती हुई अर्थव्यवस्था है, बल्कि कई देशों के लिए तकनीकी समाधान का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है।
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने इस बात पर गर्व जताया कि भारतीय युवा विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की शीर्ष टेक कंपनियों, मल्टीनेशनल संस्थानों और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों में भारत के युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार आज भारतीय प्रतिभाएं वैश्विक वैज्ञानिक और तकनीकी मंचों पर नेतृत्व कर रही हैं, वह आने वाले समय में भारत की वैज्ञानिक शक्ति को और मजबूत बनाएगा।
इन्नोटेक 2025 के दौरान छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट, रोबोटिक्स मॉडल, इनोवेशन प्रोटोटाइप और रिसर्च प्रस्तुतियों को भी प्रदर्शित किया गया। डॉ. सिंह ने इन प्रदर्शनों का जायजा लिया और छात्रों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित करते हैं और उनके भीतर शोध की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार वैज्ञानिक शोध, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी मंचों पर युवाओं को अधिक अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नए लक्ष्य निर्धारित कर रहा है। क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका तेजी से बढ़ी है।
अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा का सबसे बड़ा आधार उसके युवा और उनकी नवीन सोच होगी। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग करें, स्टार्टअप में अपनी भागीदारी बढ़ाएं और वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में योगदान दें।
इन्नोटेक 2025 कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणादायी मंच साबित हुआ, जहां नवाचार और विज्ञान की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।












