नई दिल्ली, आयुर्वेद को मुख्यधारा के स्वास्थ्य बीमा पारिस्थितिकी तंत्र से
सशक्त रूप से जोडऩे की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
(एआईआईए) नई दिल्ली ने मंगलवार को जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (जीआईसी) के साथ कॉमन
एम्पैनलमेंट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू औपचारिक रूप
से प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति, निदेशक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान तथा सेगर संपत कुमार,
निदेशक स्वास्थ्य, जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के मध्य संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयुष स्वास्थ्य
बीमा पर कोर ग्रुप ऑफ एक्सपट्र्स के अध्यक्ष प्रो. बेजोन कुमार मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति
रही। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. महेश व्यास, डीन (पीएचडी) प्रो. डॉ. आर.के. यादव, डीन पीजी, डॉ. अलका
कपूर, डीएमएस तथा एआईआईए के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। एआईआईए के
निदेशक प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति ने कहा इस समझौते के हस्ताक्षर के साथ ही एआईआईए जनरल
इंश्योरेंस काउंसिल के अंतर्गत आने वाली सभी 32 बीमा कंपनियों के साथ एम्पैनल हो गया है,
जिससे रोगियों को कैशलेस उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने इस पहल के लिए
आयुष मंत्रालय एवं अपनी कार्य टीम का आभार व्यक्त किया तथा विश्वास जताया कि यह कदम
व्यापक स्तर पर रोगियों को लाभ पहुंचाएगा। एआईआईए के निदेशक को बधाई देते हुए आयुष
स्वास्थ्य बीमा पर कोर ग्रुप ऑफ एक्सपट्र्स के अध्यक्ष प्रो. बेजोन कुमार मिश्रा ने कहा यह देश में
पहली बार हुआ है कि किसी आयुष संस्थान ने जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के साथ एमओयू पर
हस्ताक्षर किए हैं। एआईआईए में कैशलेस उपचार सुविधा की उपलब्धता से रोगियों की पहुंच और
वहन-क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, समाज के बड़े वर्ग तक सेवाओं का विस्तार होगा, रोगियों का
विश्वास सुदृढ़ होगा तथा संस्थान की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।यह पहल रोगियों की
संख्या में वृद्धि सेवाओं के बेहतर उपयोग तथा संस्थागत सतत विकास में भी योगदान देगी। इस
अवसर पर प्रो. बेजोन कुमार मिश्रा ने आयुष मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल को पुन: रेखांकित
किया। आयुष उपचारों से संबंधित बीमा प्रश्नों के समाधान हेतु एक समर्पित सहायता प्रणाली की
शुरुआत। देश में पहली बार आयुष मंत्रालय द्वारा आयुष स्वास्थ्य बीमा हेल्पलाइन शुरू की गई है।












