मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ओंकारेश्वर से महाकालेश्वर दर्शन के लिए आ रही एक यात्री बस भेरुघाट के पास नियंत्रण खो बैठी और करीब 20 फुट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह बस ओंकारेश्वर से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर जा रही थी। बस चोरल क्षेत्र में भेरुघाट की चढ़ाई चढ़ते समय एक डायवर्जन पर पहुंची, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण छूट गया और बस पलटकर नीचे खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों को बाहर निकालने के लिए दरवाजे तोड़ने पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के लिए निशुल्क इलाज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और हादसे की विस्तृत जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भेरुघाट जैसे संवेदनशील इलाकों में सड़क सुरक्षा के ठोस उपाय किए जाएं। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा चालक की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग या सड़क की खराब स्थिति के कारण हुआ। फिलहाल बस को खाई से निकालने का प्रयास जारी है और प्रशासन ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए हैं।












