कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां मोरारजी देसाई रेजिडेंशियल स्कूल के 12 छात्र फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है, जब बच्चों ने रात का खाना खाने के बाद अचानक उल्टी, सिरदर्द और पेट दर्द की शिकायत की। स्थिति बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने तुरंत प्रभावित छात्रों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, सभी छात्र 10 से 15 वर्ष की उम्र के हैं और आवासीय स्कूल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। रात के भोजन में बच्चों को चावल, दाल और सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के कुछ ही घंटे बाद कई बच्चों ने अस्वस्थ महसूस करना शुरू किया। स्कूल स्टाफ ने तुरंत जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी, जिसके बाद मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिक उपचार किया गया।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की हालत अब स्थिर है और किसी की जान को खतरा नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सभी छात्रों को निगरानी में रखा गया है और आवश्यक जांचें की जा रही हैं ताकि फूड प्वाइजनिंग के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि खाना ठीक से संरक्षित नहीं किया गया था या पानी दूषित हो सकता है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्कूल के रसोईघर से भोजन के नमूने जांच के लिए लैब में भेज दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने स्कूल का दौरा किया और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की। अधिकारियों ने साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नाराज़गी जताई।
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि भोजन तैयार करने के बाद उसे देर तक खुला छोड़ दिया गया था। इसके चलते दूषण की आशंका जताई जा रही है।
इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अभिभावक स्कूल प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराज हैं और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी आवासीय विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि भोजन तैयार करने और परोसने से पहले स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है।












