जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब सेना और पुलिस ने एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ करने की कोशिश में हैं और जंगल क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर सेना की 28 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की।
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधियों को देखा, जिसके बाद आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया। हालांकि, आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सेना ने जबरदस्त पलटवार किया, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। मारे गए आतंकवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती जांच में उनके पाकिस्तान से संबंध होने की आशंका जताई जा रही है।
मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। इनमें एके-47 राइफलें, ग्रेनेड और अन्य सैन्य सामग्री शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या भागने की कोशिश को रोका जा सके। बताया जा रहा है कि इलाके में कुछ और आतंकवादियों के छिपे होने की संभावना है, जिसके चलते तलाशी अभियान अब भी जारी है।
कुपवाड़ा जिले का केरन सेक्टर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से सटा हुआ है और घुसपैठ की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां आए दिन आतंकवादी भारत में घुसने की कोशिश करते हैं, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता के कारण उनकी साजिशें नाकाम हो जाती हैं। पिछले कुछ महीनों में एलओसी पर घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में उत्तरी कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इन कोशिशों को नाकाम करने के लिए लगातार सतर्क हैं और सीमावर्ती इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मुठभेड़ क्षेत्र से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सेना का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
कुल मिलाकर, कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार है और आतंकवाद के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।












