राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। इटावा थाना क्षेत्र में एक स्कूल वैन और SUV के बीच हुई जोरदार टक्कर में दो मासूम छात्राओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद SUV करीब 20 फीट दूर जा गिरी और वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब स्कूल वैन बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही थी। रास्ते में अचानक वैन का टायर फट गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गलत दिशा में जा पहुंची। तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही SUV से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आस-पास के लोग हादसे की आवाज सुनकर मौके पर पहुंच गए और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने घायल बच्चों को वैन से बाहर निकाला और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य में जुट गई। घायलों को कोटा के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई बच्चों की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। मृत छात्राओं के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वैन का फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइवर के पास लाइसेंस था या नहीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वैन का टायर पुराना था और लंबे समय से बदला नहीं गया था। इससे स्कूल वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने घटना पर दुख जताया है और घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अभिभावक संघों ने मांग की है कि स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हों।
यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्कूल वाहनों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन कितना आवश्यक है। दो मासूम जिंदगियों की यह दर्दनाक कीमत शायद हमें फिर से यह सोचने पर मजबूर कर दे कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता।












