23 फरवरी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नागरिक-हितैषी पहल के तहत
100 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए। मोबाइल
वितरण कार्यक्रम के दौरान लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क
और तकनीकी ट्रैकिंग की बड़ी सफलता बताया।
पुलिस मुख्यालय से साेमवार काे मिली जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच के वेस्टर्न रेंज, एजीएस और
सेंट्रल रेंज की संयुक्त कार्रवाई में यह उपलब्धि हासिल की गई। पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त विक्रम
सिंह और पुलिसउपायुक्त क्राइम-III हर्ष इंदोरा के पर्यवेक्षण में की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के
समन्वित और सतत प्रयासों की सराहना की। मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी
सर्विलांस, आईएमईआई ट्रैकिंग, फील्ड वेरिफिकेशन और व्यवस्थित फॉलो-अप किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों के खोए मोबाइल लौटाना सिर्फ संपत्ति की वापसी नहीं,
बल्कि पुलिस पर भरोसे को मजबूत करना भी है। क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की है कि
मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत दिल्ली पुलिस की ऑनलाइन सेवाओं और
सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित ट्रैकिंग और बरामदगी संभव हो सके।
अभाविप ने जेएनयू में वामपंथी संगठनों पर लगाया हिंसा का आरोप
नई दिल्ली, 23 फरवरी (वेब वार्ता)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आरोप लगाया है
कि जेएनयू विश्वविद्यालय परिसर में बीती रात वामपंथी संगठनों से जुड़े नकाबपोश लोगों ने छात्रों
पर हमला किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में
तनाव की स्थिति बनी हुई है।
अभाविप ने सोमवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लगभग 400 की संख्या में आए नकाबपोश
हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से स्कूल क्षेत्र और रीडिंग रूम के आसपास छात्रों को निशाना बनाया।
संगठन का दावा है कि कुछ छात्रों को दौड़ाकर पीटा गया और उन पर लोहे की रॉड, पत्थरों व अन्य
वस्तुओं से हमला किया गया। यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने एक शौचालय के बाहर
अग्निशामक यंत्र चलाया, जिससे अंदर छिपे एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई। घायलों में स्कूल ऑफ
बायोटेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ लैंग्वेज और स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के छात्र शामिल हैं।
अभाविप की जेएनयू इकाई मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि अभाविप इस घटना की निंदा करती है और
विश्वविद्यालय प्रशासन एवं दिल्ली पुलिस से मांग कि परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर
सभी आरोपितों की पहचान कर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा
उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अभाविप विश्वविद्यालय परिसर को
राजनीतिक हिंसा का अड्डा नहीं बनने देगी। रात में वामपंथी उत्पातियों ने जो हिंसा की, उनका
उद्देश्य वामपंथ विरोधी छात्रों की हत्या कर जेएनयू को नक्सलबाड़ी बनाना था।
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व सहसचिव वैभव मीणा ने कहा कि यह संपूर्ण घटना एक सुनियोजित साजिश
का परिणाम है। छात्रों को स्कूल सेंटर के पुस्तकालय से बाहर निकालकर वहाँ ताला लगाया गया तथा
प्रश्न उठाने वाले छात्रों के साथ मारपीट की गई। घटना में घायल कई कार्यकर्ता वर्तमान में
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।












