JDU के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री संजय झा ने महागठबंधन के घोषणा पत्र पर तीखा प्रहार करते हुए उसे जनता को भ्रमित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणा पत्र केवल खोखले वादों से भरा हुआ है, जिसमें न तो बिहार के विकास की कोई ठोस योजना है और न ही जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान। झा ने कहा कि विपक्ष केवल चुनावी मौसम में बड़े-बड़े दावे करता है, जबकि सत्ता में रहते हुए उसने राज्य की प्रगति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
संजय झा ने जदयू सरकार द्वारा अब तक किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने शिक्षा, सड़क, बिजली और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आज राज्य के हर गांव तक सड़क और बिजली की सुविधा पहुँची है, विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति बढ़ी है और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी विस्तारित हुआ है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास और स्थिरता की राह पर चल रहे जदयू सरकार पर विश्वास बनाए रखें और झूठे वादों से प्रभावित न हों। झा ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सिर्फ सत्ता प्राप्त करना है, जबकि जदयू का लक्ष्य जनता की भलाई और बिहार का समग्र विकास है।
वहीं, महागठबंधन के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि जदयू विकास की बात करके जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटका रही है। उनका कहना है कि राज्य में बेरोजगारी, पलायन और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है।
बिहार की राजनीति में दोनों पक्षों के बीच यह बयानबाजी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले माहौल को गर्मा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस पर भरोसा जताती है — जदयू के विकास के दावों पर या महागठबंधन के बदलाव के वादों पर।












