बिहार की राजनीति में इन दिनों एक पोस्टर ने सियासी हलचल मचा दी है। राजधानी पटना स्थित जेडीयू , जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय के बाहर पूर्व मंत्री रंजीत सिन्हा द्वारा लगाया गया एक पोस्टर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘टाइगर जिंदा है’ की उपाधि दी गई है। पोस्टर में नीतीश कुमार को समाज के सभी वर्गों , गरीब, किसान, महिला और युवाओं, का रक्षक बताया गया है।
पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है, नीतीश कुमार, टाइगर जिंदा है, बिहार के विकास और सुशासन के प्रतीक। पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार की मुस्कुराती तस्वीर के साथ ग्रामीण, महिला समूह और युवाओं की झलक दी गई है, जो यह संदेश देती है कि मुख्यमंत्री सभी तबकों के हितों के संरक्षक हैं।
पूर्व मंत्री रंजीत सिन्हा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पोस्टर जेडीयू कार्यकर्ताओं की भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार ने बिहार को पिछड़ेपन से निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया है। उनकी नीतियों से राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई, महिलाओं को सम्मान मिला और गरीबों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। ऐसे नेता पर गर्व होना स्वाभाविक है। हमारे लिए वे सचमुच टाइगर जिंदा हैं।
यह पोस्टर ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में विधानसभा चुनावी माहौल तेजी से बन रहा है। एनडीए खेमे में जेडीयू और बीजेपी के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं जारी हैं, वहीं विपक्षी दल इस तरह के पोस्टरों को चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। राजद नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता बेरोजगारी और महंगाई से परेशान है, तब जेडीयू केवल पोस्टर राजनीति में लगी है।
जेडीयू प्रवक्ताओं ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का यह प्रेम और विश्वास नीतीश कुमार की लोकप्रियता को दिखाता है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, नीतीश कुमार बिहार के हर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं की सशक्तिकरण योजना, साइकिल योजना, जीविका दीदी कार्यक्रम और शराबबंदी जैसे फैसले उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इसी वजह से जनता चाहती है कि वे चौथी बार मुख्यमंत्री बनें।
पोस्टर लगने के बाद जेडीयू कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। कई समर्थक ‘नीतीश कुमार ज़िंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आए। राजनीतिक विश्लेषक इसे जेडीयू की ‘जनभावना मापने की कवायद’ मान रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि जनता में नीतीश कुमार के प्रति उत्साह कितना बरकरार है।
कुल मिलाकर, यह पोस्टर न केवल जेडीयू कार्यकर्ताओं की वफादारी का प्रतीक बन गया है, बल्कि बिहार की सियासत में एक बार फिर से नीतीश कुमार की छवि ‘सुशासन बाबू’ से बढ़कर ‘टाइगर जिंदा है’ के रूप में स्थापित करने का प्रयास भी माना जा रहा है।












