-मुंडका इलाके की घटना, घटना को अंजाम देकर ट्रक समेत भागा चालक
नई दिल्ली, 27 फरवरी मुंडका में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार तीन लोग घायल हो
गए। तीनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां एक 16 साल के किशोर को डॉक्टरों ने
मृत घोषित कर दिया। मृतक की शिनाख्त नितिन के रूप में हुई है। घटना के बाद वाहन समेत भागे
चालक पर केस कर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक 19 साल का मयंक कृष्णा वाटिका नांगलोई में रहते हैं। वह अपने दोस्तों
नितिन और समीर के साथ पीवीसी मार्केट में अलग अलग कंपनी के लिए कबाड़ का काम करते हैं।
मुंडका थाने में दर्ज प्राथमिकी में मयंक ने बताया कि 25 फरवरी की रात करीब पौने आठ बजे उसने
नितिन को घर चलने के लिए फोन किया। समीर बाइक लेकर मौजूद था। फिर तीनों बाइक से घर के
लिए रवाना हो गए।
मयंक ने बताया कि रात करीब सवा आठ बजे नांगलोई जाने वाले मेन रोहतक रोड पर तेज रफ्तार
ट्रक ने उनकी बाइक को साइड मार दिया। समीर की हालत गंभीर है। पुलिस ने नितिन के शव को
कब्जे में कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ज्वाला पुरी में रहने वाले उसके पिता मनोज
को घटना की जानकारी दे दी। पुलिस ने मयंक के बयान पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ
लापरवाही से वाहन चलाने से हुई मौत का मामला दर्ज कर लिया है।
द्वारका में एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचकर जुटाए थे 2 करोड़, दंपती गिरफ्तार (अपडेट)
-बैंक में गिरवी रखे फ्लैट को ही कई लोगों को बेचने के नाम पर ले लिए रुपये
नई दिल्ली, 27 फरवरी (वेब वार्ता)। दिल्ली पुलिस ने द्वारका इलाके में एक ही फ्लैट को कई लोगों
को बेचकर ठगी के आरोप में 57 वर्षीय व्यक्ति नरेश कुमार सिकरी और उसकी पत्नी शारदा सिकरी
(55) को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। ये द्वारका सेक्टर-9 के निवासी हैं।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि दंपती ने जिस
फ्लैट को पहले ही बैंक में गिरवी रखा था, उसी संपत्ति के संबंध में कई लोगों के साथ बिक्री समझौते
किए और उनसे बड़ी रकम वसूली। आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के जरिए विभिन्न व्यक्तियों से
करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये जुटाए। उन्होंने बताया कि 2024 में दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी के दो
मामले दर्ज किए गए थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि शारदा सिकरी ने अपने फ्लैट को बेचने
के लिए उनसे समझौते किए और भारी रकम लेने के बावजूद बिक्री प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके बाद
आरोपी फरार हो गए थे।
06 जनवरी 2024 और 14 जुलाई 2024 को द्वारका साउथ थाने में भारतीय दंड संहिता की संबंधित
धाराओं के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि
लगातार प्रयासों के बावजूद दंपती गिरफ्तारी से बचते रहे। शारदा सिकरी की अग्रिम जमानत याचिका
ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी और बाद में इसे दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले लिया गया।
गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर द्वारका साउथ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश कुमार
साह व एसआई नवीन यादव की टीम ने दंपती का पता लगाकर उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक ठिकाने से
गिरफ्तार कर लिया।
बैंक का बकाया चुराने के लिए शुरु की ठगी : पूछताछ में उन्होंने कथित तौर पर अपराध स्वीकार
किया और बताया कि बैंक का बकाया चुकाने के लिए धन जुटाने की योजना के तहत उन्होंने फ्लैट
को गिरवी रखकर यह साजिश रची। पुलिस के मुताबिक पेशे से लोन एजेंट नरेश सिकरी धोखाधड़ी
का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।










