नई दिल्ली, 10 फरवरी दिल्ली विश्वविद्यालय एंड कॉलेजज लैब (टेक) स्टाफ
एसोसिएशन (डीयूसीएलएसए) के आह्वान पर लैब व टेक्निकल कर्मचारियों ने यूजीसी मुख्यालय के
बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में दिल्ली विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों से 500 से अधिक
लैब टेक्निकल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में यूजीसी प्रशासन की ओर से डीयूसीएलएसए के
एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी के डिप्टी
सेक्रेटरी डॉ निखिल कुमार से मुलाकात की जो कि करीब डेढ़ घंटे चली। वार्ता के दौरान
प्रतिनिधिमंडल ने लैब-टेक्नीकल कर्मचारियों की मांगों को उनके समक्ष रखा। उनकी मांग रही कि
कॉलेजों में टीए, एसटीए, एवं टीओ के पदों की सृजन और स्वीकृति दी जाए। बढ़े वर्कलोड के अनुसार
लैब-टेक्नीकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाए, लैब अटेंडेंट का ग्रेड पे 1800 से 1900 करना, इसके
अलावा कॉलेजों में हेल्थ सेंटर सुविधाओं की पुन: बहाली एवं अन्य लंबित मांगों का समाधान संबंधी
मुद्दे शामिल थे। डीयूसीएलएसए पदाधिकारियों के अनुसार यूजीसी अधिकारियों ने इन मांगों पर
गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। डीयूसीएलएसए के
अध्यक्ष डॉ राजेश कुमार मेहता ने कहा है कि यदि लैब कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं
की गई तो तो लैब-टेक्नीकल कर्मचारी भविष्य में बड़ा आंदोलन करेंगे।












