दिल्ली के रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास स्थित बंगाली बस्ती में देर रात भीषण आग लग गई, जिससे झुग्गियों की एक बड़ी संख्या जलकर खाक हो गई। आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन कई परिवारों का सबकुछ राख में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे की है। रिठाला मेट्रो स्टेशन और दिल्ली जल बोर्ड के बीच स्थित बंगाली बस्ती की झोपड़ियों से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाके से भी उन्हें साफ-साफ देखा जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की करीब 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। हालांकि तब तक झुग्गियों में रखा लोगों का सामान, जरूरी दस्तावेज, और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी चीजें जलकर राख हो चुकी थीं।
एक अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि, हमें रात करीब 11:15 बजे सूचना मिली कि रिठाला मेट्रो स्टेशन और दिल्ली जल बोर्ड के बीच बंगाली बस्ती की झोपड़ियों में आग लगी है। मौके पर पहुंचते ही हमने देखा कि आग काफी तेजी से फैल रही थी। हमने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी, क्योंकि बस्ती में बिजली की तारें खुले में लटकी रहती हैं। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं।
घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कुछ लोग झुलसने के कारण हल्के घायल हुए हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, प्रशासन ने मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है।
रातभर चले राहत और बचाव कार्य के बाद अब बस्ती में सन्नाटा पसरा है। कई परिवार अपने जले हुए घरों के मलबे में अपने सामान की तलाश करते नजर आ रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था और बिजली प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











