नई दिल्ली, 16 फरवरी दिल्ली सरकार ने व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन करते हुए 72
वरिष्ठ अधिकारियों का स्थानांतरण और अतिरिक्त प्रभार तय किया है। इस फेरबदल में अरुणाचल
प्रदेश-गोवा-मिजोरम और संघ राज्य क्षेत्र कैडर के 36 आईएएस तथा 36 दानिक्स अधिकारियों को
नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार का यह कदम प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय
की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1998 बैच के आईएएस अधिकारी संतोष डी वैद्य को गृह विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया
गया है। इसके साथ ही उन्हें वित्त, योजना और उद्योग विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया
है। 1992 बैच के आईएएस अधिकारी बिपुल पाठक, जो वर्तमान में सामाजिक कल्याण विभाग में
अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, को अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की
अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रुपेश कुमार ठाकुर को स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है। उनकी जगह निखिल कुमार को व्यापार एवं कर
विभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है। संजीव अहूजा को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है
और उन्हें उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पूर्व शिक्षा सचिव
पांडुरंग पोले को सामान्य प्रशासन विभाग में स्थानांतरित करते हुए श्रम आयुक्त की अतिरिक्त
जिम्मेदारी दी गई है।
राजस्व सचिव एवं मंडल आयुक्त नीरज सेमवाल को बिजली विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार
दिया गया है, जबकि पद्मा जस्वाल को प्रशासनिक सुधार विभाग की विशेष सचिव बनाया गया है।
शहरी विकास सचिव विजय बिधूड़ी को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का अतिरिक्त प्रभार सौंपा
गया है।
यशपाल गर्ग को योजना विभाग का सचिव नियुक्त करते हुए भूमि एवं भवन विभाग की अतिरिक्त
जिम्मेदारी दी गई है। नई दिल्ली के जिलाधिकारी सुनील कुमार सिंह को बिजली विभाग का विशेष
सचिव बनाया गया है। इसके अलावा सलोनी राय को उत्तर दिल्ली की जिलाधिकारी, हरि कल्लिक्कट
को पश्चिम दिल्ली का जिलाधिकारी और विशाखा यादव को बाहरी उत्तरी जिले का जिलाधिकारी
नियुक्त किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस व्यापक फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, विभिन्न विभागों
के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और जनसेवाओं की गति को तेज करना है।












