दिल्ली में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए एक बड़ी पहल की तैयारी हो रही है। भाजपा शासित नगर निगम और केंद्र सरकार के सहयोग से राजधानी में जल्द ही 100 ‘अटल कैंटीन’ शुरू की जाएंगी। इन कैंटीनों का उद्देश्य गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, फुटपाथ पर काम करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सिर्फ ₹5 में भरपेट पौष्टिक खाना उपलब्ध कराना है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणा से शुरू की जा रही है, जिनके नाम पर इन कैंटीनों का नाम रखा गया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम सामाजिक न्याय और सेवा भावना की दिशा में एक बड़ा प्रयास होगा। इस योजना के माध्यम से रोजाना हजारों लोगों को सस्ती दर पर भोजन मिल सकेगा, जिससे उन्हें भूखे पेट सोने की नौबत नहीं आएगी।
सूत्रों के अनुसार, हर अटल कैंटीन में सुबह और दोपहर के समय भोजन उपलब्ध रहेगा। मेन्यू में दाल, चावल, सब्जी, रोटी और कभी-कभी खिचड़ी या पुलाव जैसी चीजें शामिल की जाएंगी। भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग और स्थानीय निकायों की निगरानी रहेगी। कैंटीनों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों, एनजीओ और स्थानीय सामाजिक संस्थाओं की मदद से किया जाएगा।
भाजपा का कहना है कि इस योजना के लिए शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 कैंटीनें चालू की जाएंगी, जिनकी सफलता के बाद इसे पूरे दिल्ली में विस्तार दिया जाएगा। परियोजना के लिए निगम द्वारा विशेष बजट आवंटित किया गया है और केंद्र से भी सहयोग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजधानी में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो रोजाना मजदूरी करते हैं या असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। बढ़ती महंगाई के बीच उनके लिए सस्ते और स्वच्छ भोजन की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अटल कैंटीनें न सिर्फ गरीबों का पेट भरेंगी बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा देंगी।
इस योजना को लेकर आम जनता में उत्साह देखा जा रहा है। कई लोगों ने इसे गरीबों के लिए वरदान बताया है। वहीं, विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट करार देते हुए कहा कि पहले से चल रही सरकारी योजनाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल दिल्ली सरकार और नगर निगम मिलकर इन कैंटीनों के स्थान और संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ महीनों में पहली अटल कैंटीन जनता की सेवा में शुरू हो जाएगी, जिससे राजधानी में गरीबों को सस्ता और पौष्टिक भोजन आसानी से मिल सकेगा।











