पौड़ी गढ़वाल10 फरवरी मुख्यालय पौड़ी में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि की
पौड़ी शाखा द्वारा महाशिवरात्रि पर्व को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस
दौरान सनातन संस्कृति, उसकी अलौकिकता व सार्वभौमिकता, प्रचार प्रसार पर जोर दिया गया। साथ ही
पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आने से बचने का आह्वान किया गया।
मंगलवार को जिला पंचायत के पुराने सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि
विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, विशिष्ट अतिथि एडीएम पौड़ी अनिल गर्ब्याल ने किया। इस मौके पर
विधायक पोरी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति की ध्वजवाहक है। देश व दुनिया को यहां
शांति व विश्व बंधुत्व का संदेश मिला है। लेकिन वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव लोगों में आ
रहा है। जिससे हमें दूर रहना होगा। कहा सनातन संस्कृति के संरक्षण में विवि की भूमिका अहम है। जन
सहभागिता इस दिशा में बढ़ रही है।
एडीएम गर्ब्याल ने कहा कि वसुधेव कुटंबकम हमारी संस्कृति का मर्म वाक्य है। एक सृष्टि एक परिवार
की अवधारणा हमारी पूंजी है। कहा कि विवि लगातार सदभाव, संस्कृति व शिक्षा के माध्यम से
जनजागरण अभियान चला रहा है। मुख्य वक्ता राजयोगी डा. हिमांशु गोयल ने कहा कि महाशिवरात्रि
अपनी कमियों को ईश्वर में समाहित कर पवित्र होने का पर्व है। कहा परमात्मा शिव के अवतरण का पर्व
मना रहे हैं।
इस दौरान नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। मंच संचालन राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी नीलम ने
किया। इस अवसर पर रविंद्र जुयाल, केशर सिंह असवाल, जसपाल रावत, राकेश नौडियाल, कमला रावत,
बीके सुमन आदि मौजूद रहे।












