नई दिल्ली 27 फरवरी आईपी यूनिवर्सिटी के ईस्ट कैंपस में देहदान और अंगदान के
महत्व पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ‘वरदान’ का समापन हो गया। दधीचि
देहदान समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय
राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि फिल्म एक सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन से लोगों में
जागरूकता बढ़ेगी तथा वे अंगदान के लिए आगे आएंगे। उन्होंने श्रीलंका का उदाहरण देते हुए कहा
कि जागरूकता के कारण वहां एशिया का सबसे बड़ा नेत्र बैंक है और भारत में भी इसी तरह की
जागरूकता की आवश्यकता है।
सांसद, गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और
निर्गुण गीत प्रस्तुत कर देहदान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फिल्म
महोत्सव समाज में जनजागरण के वाहक बनते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा
ने कहा कि देहदान व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी समाज में जीवित रखता है। विश्व हिंदू परिषद के
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दधीचि देहदान समिति के संरक्षक आलोक कुमार ने बताया कि समाज में
इस विषय को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है और हर आयु वर्ग के लोग आगे आ रहे हैं।
इस अवसर पर अभिनेता मनोज जोशी ने विद्यार्थियों के लिए फिल्म निर्माण पर विशेष कार्यशाला भी
आयोजित की। संस्था के अध्यक्ष मनोज पंत, डॉ. अनिल अग्रवाल और पत्रकार अनंत विजय सहित
अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दो दिनों तक चले इस महोत्सव में देश-विदेश से चयनित 62
लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया तथा विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ फिल्मों को पुरस्कृत किया गया।












