धनतेरस का पर्व दीपावली की शुरुआत का प्रतीक है और इस दिन धन, आरोग्य व समृद्धि की देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन घर, दुकान या कार्यस्थल पर दीप जलाने से माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की कृपा प्राप्त होती है।
धनतेरस के दिन प्रदोष काल में दीपदान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इस वर्ष धनतेरस का शुभ मुहूर्त शाम 6:10 बजे से रात 8:40 बजे तक रहेगा। इसी समय में दीपक जलाना उत्तम रहेगा। इस काल में दीपदान करने से घर में धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
धनतेरस की रात सबसे पहले मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख वाला दीपक जलाना चाहिए। यह दीपक यमराज को समर्पित होता है और इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
इसके अलावा :
तुलसी के पास एक दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
रसोईघर में दीप जलाने से अन्न और समृद्धि की वृद्धि होती है।
तिजोरी या धन स्थान पर दीपक जलाना लक्ष्मी कृपा का सूचक है।
घर के मंदिर में भगवान धन्वंतरि और माँ लक्ष्मी के सामने दीप जलाना अनिवार्य माना गया है।
दीपक जलाने का मंत्र:
दीप जलाते समय यह मंत्र बोलना शुभ फल देता है
“दीपज्योतिः परंब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते॥
धनतेरस के दिन दीपदान के साथ नए बर्तन, सोना-चांदी या धातु की वस्तुएं खरीदने की परंपरा भी है। ऐसा करने से घर में धन और स्वास्थ्य दोनों की वृद्धि होती है। इस प्रकार श्रद्धा और विधि-विधान से दीप जलाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का वास होता है।












