पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सोमवार सुबह अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वरूपनगर थाना क्षेत्र के हकीमपुर चेकपोस्ट पर सैकड़ों की संख्या में बांग्लादेशी नागरिक जमा होते देखे गए, जो अपने देश लौटने की जल्दबाज़ी में दिखाई दिए। स्थानीय प्रशासन और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों में यह अफवाह फैल गई है कि राज्य सरकार ने राज्य-स्तरीय पहचान पंजी SIR लागू कर दिया है, जिसके चलते अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों पर कार्रवाई हो सकती है।
सुबह करीब 6 बजे से ही हकीमपुर चेकपोस्ट की ओर जाने वाली सड़क पर लोगों का हुजूम दिखाई देने लगा। कई लोग परिवार सहित भारी सामान लेकर पहुंचे थे, जबकि कुछ लोग छोटे-छोटे बैग लेकर जल्द से जल्द सीमा पार करने की कोशिश करते दिखे। इनमें बड़ी संख्या में दैनिक मजदूर और घरेलू कामगार बताए जा रहे हैं, जो वर्षों से पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में काम कर रहे थे।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बीते दो दिनों से व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया पर यह संदेश वायरल हो रहा था कि पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी निवासियों की नागरिकता और पहचान की व्यापक जाँच होगी। इस संदेश में यह भी दावा किया गया कि बिना दस्तावेज़ के पकड़े जाने पर अवैध प्रवासियों को हिरासत केंद्र भेजा जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है, लेकिन अफवाहों के कारण सीमा क्षेत्रों में डर और भ्रम का माहौल बन गया है।
BSF अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चेकपोस्ट के पास अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि भीड़ को व्यवस्थित ढंग से संभाला जा सके और किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। कुछ लोगों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वे स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि SIR शुरू होने के बाद उन्हें अवैध निवासी मान लिया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने न तो SIR शुरू किया है और न ही इसके लिए कोई नई प्रक्रिया लागू की है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं की जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले से सीमावर्ती क्षेत्रों में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। हालांकि BSF और पुलिस मिलकर भीड़ को शांत कराने और स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोगों के मन में फैली आशंका के कारण सीमा पर अभी भी भारी भीड़ बनी हुई है। अफवाहों का असर इतना है कि कई परिवार अपने घरों और कामकाज को छोड़कर जल्द से जल्द बांग्लादेश जाने की कोशिश में जुटे हैं।












