स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में
और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में सच कर रहे हैं। उस सपने को साकार करने के लिए
पीढ़ियां संघर्ष कर रही हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि पहले लक्ष्य तय करो फिर उसे पाने की
कोशिश करो। मैं बच्चों से कहूंगा कि जब तक जीवन में आप लक्ष्य तय नहीं करोगे, तब तक उस तक
नहीं पहुंच पाओगे। इसलिए पहले तय करो कि हमको कहां जाना है।
पूजे जाते हैं देश को समर्पित लोग
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि हमारे देश में व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हमेशा गुणों की पूजा
होती है। इन गुणों के साथ जो व्यक्ति अपना जीवन भारत माता को और इस देश के लोगों को समर्पित
करता है, वह हमारे देश में पूजा के योग्य हो जाता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की कद-काठी साधारण
थी, उन्होंने गरीब परिवार में जन्म लिया। उन्होंने व्यक्तित्व से, सादा जीवन से, विद्वत्ता से कम समय
में भारत माता की जो सेवा की और भारत से जुड़ा जो चिंतन इस धरती को दिया, उसके कारण आज
भारत ही नहीं सारी दुनिया उनके चरणों में शीश झुकाती है।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि आज यहां सांदीपनि विद्यालय में बच्चों का स्कूल प्रवेश होगा। इस
विद्यालय को स्थापित करने की विचारधारा पं. दीनदयाल उपाध्याय का ही चिंतन है, यही सबका साथ
और सबका विकास है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की साख मजबूत हो रही है। विधानसभा
अध्यक्ष तोमर ने कहा कि ये बच्चे साल 2047 के साक्षी बनेंगे। ये बच्चे विकसित भारत के नागरिक
होने का गौरव प्राप्त करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी जितनी
तारीफ की जाए, वह कम है।












