प्रतापगढ़ में पुलिस ने जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर राजेश मिश्रा के घर छापा मारकर करोड़ों रुपये की नकदी और नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। इस कार्रवाई ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। पुलिस टीम को घर से बरामद कैश की गिनती पूरी करने में करीब 22 घंटे का समय लग गया। नोटों की गिनती के दौरान 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोटों की अलग-अलग गड्डियां बनाई गईं। कुल मिलाकर पुलिस ने 2 करोड़ 1 लाख रुपये नगद, 6 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, राजेश मिश्रा फिलहाल प्रतापगढ़ जेल में बंद है, लेकिन उसने जेल के अंदर से ही नशे और तस्करी का पूरा नेटवर्क संचालित कर रखा था। उसकी पत्नी रीना मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य गिरोह की कमान संभाल रहे थे। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि रीना ही नशे के कारोबार से होने वाली कमाई को इकट्ठा करती थी और राजेश के इशारों पर पूरे नेटवर्क को चलाती थी।
पुलिस को लंबे समय से राजेश मिश्रा के नेटवर्क की सूचना मिल रही थी। हाल ही में एक सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसके घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। छापे के दौरान कई अलमारियों और दीवारों में बने गुप्त खांचों से बड़ी मात्रा में कैश और नशीले पदार्थ मिले। पुलिसकर्मियों ने जब कैश की गिनती शुरू की, तो नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि नोट गिनने की मशीनें भी कई बार बंद पड़ गईं। अंततः करीब 22 घंटे बाद गिनती पूरी हो सकी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और नशीले पदार्थों के अलावा कई बैंक पासबुक, जमीनों के कागजात और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इनसे नेटवर्क के विस्तार और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है।
प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजेश मिश्रा के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या, रंगदारी, तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामले शामिल हैं। अब इस नए खुलासे के बाद उस पर एनडीपीएस एक्ट और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेल के अंदर से राजेश किस तरह से अपने गिरोह के सदस्यों से संपर्क करता था। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह मोबाइल फोन के जरिए गिरोह को निर्देश देता था। इस मामले में जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इस बड़ी कार्रवाई से प्रतापगढ़ पुलिस को न केवल बड़ी सफलता मिली है, बल्कि जिले में चल रहे नशा माफिया नेटवर्क पर भी बड़ा झटका लगा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।












