रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा स्थापित एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के तीन राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर वहां की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इन राज्यों के विकास को भारत की प्रगति की मज़बूत नींव बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश के हर राज्य की अपनी अलग सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक विशेषता है, और यही विविधता भारत की शक्ति है। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़ता है, तो समूचा राष्ट्र तेज़ी से प्रगति करता है। मोदी ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड आने वाले वर्षों में विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित करेंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान की एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड के उद्घाटन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युग में जब विश्व अशांति, तनाव और संघर्ष से जूझ रहा है, तब शांति और सद्भाव का संदेश अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा पिछले कई दशकों से समाज सेवा, आत्मविकास और आध्यात्मिक शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की। मोदी ने कहा कि यह संस्था केवल ध्यान और योग का प्रचार नहीं करती, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और नैतिकता की शिक्षा देती है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ अपने पुराने संबंधों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि गुजरात के दिनों में भी वे संस्था के कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं और हमेशा उनके कार्यों से प्रेरणा पाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था का उद्देश्य केवल धार्मिक प्रचार नहीं, बल्कि मनुष्य में मानवता का जागरण है, जो विश्व शांति की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर मोदी ने ओम शांति के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओम शांति केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक भावना है जो हमारे भीतर स्थिरता, सुकून और समर्पण का भाव जगाती है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में शांति और सकारात्मकता को अपनाएँ, क्योंकि एक शांत समाज ही सशक्त राष्ट्र का आधार होता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दीपावली और आने वाले पर्वों की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारत आज आत्मनिर्भरता, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर है, और ब्रह्माकुमारी जैसी संस्थाएँ इस दिशा में समाज को प्रेरित कर रही हैं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रमुख सदस्यों, साधकों और देश-विदेश से आए अनेक अतिथियों ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत किया और शांति, सेवा एवं आध्यात्मिकता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस प्रकार, नवा रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक संस्थान के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शांति, सौहार्द और विकास की दिशा में भारत की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।












