प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशवासियों को एकता की शपथ दिलाई। दिल्ली स्थित सरदार पटेल राष्ट्रीय स्मारक पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के बिना भारत का आज का स्वरूप संभव नहीं होता। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को एक अखंड राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पटेल जी की दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य साहस और संगठन कौशल ने आज़ाद भारत को एकता और अखंडता की नई पहचान दी। उन्होंने कहा, सरदार साहब ने हमें यह सिखाया कि जब देश की एकता और संप्रभुता की बात हो, तो कोई भी समझौता स्वीकार नहीं होना चाहिए। उनके प्रयासों से आज भारत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के रूप में मजबूती से खड़ा है।
मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के सपनों को साकार करने के लिए मिलकर कार्य करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
इस अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने स्वयं भाग लिया और युवाओं, एनसीसी कैडेट्स, पुलिस कर्मियों तथा नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ भारत के विविधता में एकता के संदेश को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और देश को विकास के नए शिखर पर पहुँचाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए प्रेरणा और गर्व का अवसर है, जब हम उस महान पुरुष को याद करते हैं जिसने भारत को एकजुट किया और मजबूत नींव दी।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें यह सिखाता है कि जब हम एकजुट होकर काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।











