बहुजन समाज पार्टी बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भाजपा के एक पूर्व विधायक द्वारा दिए गए विवादित बयान , मुस्लिम लड़की लाओ, नौकरी पाओ की कड़ी निंदा की है। मायावती ने इस बयान को बेहद संकीर्ण, आपत्तिजनक और समाज में नफरत फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचती है बल्कि यह देश की एकता और संविधान की भावना के भी खिलाफ है।
मायावती ने कहा कि इस तरह की सोच रखने वाले लोग समाज में जातीय और धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की नफरत फैलाने वाली भाषा का प्रयोग करने से पहले सौ बार सोचे। बसपा प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटने की कोशिश करने वाले नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे ऐसे बयानों का समर्थन करती हैं या नहीं। मायावती ने कहा कि अगर सरकार वाकई कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के प्रति गंभीर है, तो उसे तुरंत इस मामले में कार्रवाई कर उदाहरण पेश करना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि देश की जनता अब ऐसे साम्प्रदायिक बयानों से ऊब चुकी है। लोगों को रोजगार, शिक्षा, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे असली मुद्दों पर ध्यान चाहिए, न कि नफरत और विभाजन की राजनीति। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता पाने या बनाए रखने के लिए कुछ लोग धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं, जो लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए खतरा है।
मायावती ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे ऐसे उकसाऊ बयानों के झांसे में न आएं और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बसपा सदैव सामाजिक समरसता और सभी धर्मों के सम्मान की पक्षधर रही है और आगे भी इसी नीति पर चलती रहेगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से यह भी आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर फैल रही नफरत पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि समाज में अमन और भाईचारे का माहौल कायम रह सके।












