नोएडा, 12 फरवरी खरीद-फरोख्त से जुड़े एक मामले में धोखाधड़ी, मारपीट और
जान से मारने की धमकी देने के आरोप में बिल्डर और उसके सहयोगियों के खिलाफ एक्सप्रेसवे थाने
में केस दर्ज हुआ है। केस दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय के आदेश पर दर्ज
हुआ है। करतार सिंह अनेजा ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उन्होंने एक बिल्डर कंपनी
से नगला बहारामपुर गांव में करीब छह बीघा जमीन खरीदने का सौदा किया था। इस जमीन की कुल
कीमत लगभग 94 लाख रुपये तय हुई थी। करतार सिंह ने नगद, चेक और एनईएफटी के माध्यम
से पूरी रकम का भुगतान कर दिया और 12 मई 2023 को बिक्री अनुबंध भी हो गया।
आरोप है कि भुगतान के बाद बिल्डर की ओर से केवल दो बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। बाकी
चार बीघा जमीन की रजिस्ट्री बाद में करने का आश्वासन दिया गया। काफी समय बीतने के बाद भी
शेष जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। जब पीड़ित ने जमीन या रुपये मांगे तो आरोपियों ने
टालमटोल शुरू कर दी। मई 2025 में जब पीड़ित अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो आरोपियों
और कुछ अन्य लोगों ने उस पर हमला कर दिया। उसे जमीन पर गिराकर गला दबाने की कोशिश
की गई और गोली चलाने की धमकी भी दी गई। बाद में पीड़ित ने इस घटना की सूचना पुलिस को
दी। उनका आरोप है कि शुरू में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से
कई बार शिकायत की और कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले
को गंभीर मानते हुए पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया।
कोर्ट के निर्देश के बाद थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने डीपीएल बिल्डर के निदेशक पवन कुमार, कमल
दत्ता और छह से सात अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना
है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पक्षों के बयान तथा दस्तावेजों के आधार पर
आगे की कार्रवाई की जाएगी।












