बिहार विधानसभा चुनाव का विगुल बज चुका है पिछले चुनाव की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्ता रूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और राज्य की अगुवाई वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच माना जा रहा है ।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ पक्ष विपक्ष दोनों की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है माना जा रहा है कि इस बार सट्टा की जंग में पलायन , एस आई आर और बारिश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भूमिका निभाएंगे ।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन कल्याणकारी योजनाओं के तहत सत्ता विरोधी लहर से उबरने की रणनीति बनाई है ।
सवा करोड़ लोगों के सामाजिक सुरक्षा योजना पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 कर दी है , 2 लाख ग्रह वाहिनी के प्रतिदिन के भत्ते में 377 रुपए के अलावा रसोइयों विकास मित्र शिक्षा सेवकों के भत्ते में बढ़ोतरी की , सभी परिवारों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली का तोहफा भी दिया ।
स्नातक बेरोजगार युवकों को 2 साल तक हर महीने ₹1000 , नए पंजीकृत वकीलों को हर महीने 5000, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को ब्याज मुक्त आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए हर महीने ₹3000 की पेंशन और सभी तरह की छात्रवृत्तियों में बढ़ोतरी का तोहफा दिया गया है ।
राष्ट्रीय जनता दल का मजबूत MY फैक्टर जो कुल मतदाताओं का लगभग 30% है और युवाओं में सरकार के प्रति बढ़ती नाराजगी रजत राजद संस्थापक लाल यादव के पीछे हटने के बाद निर्विवाद नेता के तौर पर सामने आए उनके बेटे तेजस्वी यादव की युवाओं के बीच लोकप्रियता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की मतदाता अधिकार यात्रा ने राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश का संचार उत्पन्न किया है ।
लेकिन सबसे मुख्य कमजोरी यह है कि काफी समय से सत्ता के बाहर रहने के कारण पार्टी के भीतर महत्वकांशी नेताओं को एकजुट रखना वहां गठबंधन के लिए एक प्रमुख चुनौती है नीतीश के कद के किसी परिपक्व नेता का अभाव सीट बंटवारे पर अंदरूनी कलह सीमांचल में ओवैसी का असर और लालू परिवार की दागदार छवि यह सभी कारण है ।
भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि 2025 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा इसको साबित करने के लिए भाजपा ने एक नया नारा दिया है इसकी खूब चर्चा हो रही है ।
भाजपा ने सोशल मीडिया पर भी कुछ ऐसे ही नारे लिखे हैं जैसे बिहार में जारी रहेगी विकास की तेज रफ्तार, 14 नवंबर को फिर एक बार एनडीए सरकार इसके अलावा भाजपा ने लिखा की जनता का विश्वास फिर से एनडीए सरकार बस 38 दिन का इंतजार थमेगा नहीं विकास की रफ्तार ।
सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा की डबल इंजन की सरकार के तहत नीतीश कुमार जी तो कम कर ही रहे हैं और केंद्र से मिल रहे समर्थन का बड़ा प्रभाव है इसका परिणाम जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है












