बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र एनडीए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने शुक्रवार को अपना संकल्प पत्र जारी किया। इस संकल्प पत्र में युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। एनडीए ने बिहार को अगले पांच वर्षों में आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है।
सबसे बड़ा ऐलान राज्य में 1 करोड़ रोजगार सृजन का किया गया है। एनडीए ने वादा किया है कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर, आईटी और कृषि-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट मिशन के ज़रिए युवाओं को प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
संकल्प पत्र में दूसरा बड़ा ऐलान चार प्रमुख शहरों पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने का है। इससे न केवल यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी। पटना मेट्रो परियोजना पहले से निर्माणाधीन है, जबकि बाकी तीन शहरों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की बात कही गई है।
महिलाओं के लिए एनडीए ने कई योजनाओं की घोषणा की है। इसमें महिला उद्यमिता को बढ़ावा, स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष कोष और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर शामिल हैं। छात्राओं के लिए मुफ्त साइकिल और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता जारी रखने की घोषणा की गई है।
किसानों के लिए ‘कृषि समृद्धि योजना’ लाने का वादा किया गया है, जिसके तहत सिंचाई, बीज और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, राज्य के हर गांव को सड़क और बिजली से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह संकल्प पत्र केवल वादों का नहीं, बल्कि हमारे कामों की निरंतरता का प्रतीक है। एनडीए सरकार ने बिहार में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, और अब राज्य को विकास के अगले चरण में ले जाने का समय है।
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि एनडीए की सरकार बनने पर बिहार पूर्वी भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनेगा। विपक्ष ने हालांकि एनडीए के वादों को चुनावी छलावा बताते हुए कहा कि पिछले वादों का भी अभी तक पूरा क्रियान्वयन नहीं हुआ है।
एनडीए का यह संकल्प पत्र चुनावी राजनीति में नया उत्साह लेकर आया है, और अब देखना होगा कि जनता इन वादों पर कितना भरोसा जताती है।












