सीवान के रघुनाथपुर में बुधवार को आयोजित जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजद RJD पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती माता सीता की जन्मभूमि है, लेकिन दुख की बात है कि कुछ लोग यहां सीता माता के मंदिर के निर्माण का विरोध कर रहे हैं। योगी ने बिना नाम लिए राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग धर्म और संस्कृति से कट चुके हैं, वे राम-सीता के नाम पर राजनीति करने से भी पीछे नहीं हटते।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता भारतीय आस्था के प्रतीक हैं। उनके नाम पर राजनीति या विरोध करना देश की संस्कृति का अपमान है। उन्होंने कहा कि माता सीता हमारे सम्मान की प्रतीक हैं, और जो उनके मंदिर के निर्माण का विरोध करते हैं, वे दरअसल भारतीय सभ्यता का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लोगों को आने वाले चुनाव में जवाब देना चाहिए जो हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने मंच से यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि “आज भारत विश्व में अपनी पहचान मजबूत कर चुका है। राम मंदिर बन चुका है, अब सीता मंदिर का निर्माण भी होगा, चाहे विरोध कितना भी हो।” योगी ने राजद पर तंज कसते हुए कहा कि जिनके शासन में जंगलराज था, वे आज धार्मिक स्थल के विरोधी बन गए हैं।
सभा में भारी भीड़ उमड़ी थी, लोगों ने जय श्रीराम और माता सीता अमर रहें’ के नारे लगाए। योगी ने कहा कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग एक ही संस्कृति और परंपरा से जुड़े हैं। यह भूमि जनक की है, जहां से सीता माता ने जन्म लिया। यहां मंदिर का निर्माण हमारे लिए श्रद्धा का विषय है, राजनीति का नहीं।
सभा के अंत में योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की कि वे धर्म, विकास और राष्ट्रवाद के पक्ष में मतदान करें और उन ताकतों को परास्त करें जो आस्था पर प्रहार करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राम और सीता भारत की आत्मा हैं, और उनके सम्मान की रक्षा हमारा कर्तव्य है।
इस जनसभा के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। RJD की चुप्पी और भाजपा की आक्रामकता से माहौल गरमाया हुआ है।












