भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड को हराकर पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीत लिया। यह जीत न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार कप्तानी और खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने भारत को विश्व क्रिकेट के शिखर पर पहुँचा दिया।
लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 32 रनों से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 258 रन बनाए। भारत की ओर से ओपनर स्मृति मंधाना ने शानदार शतक जड़ा, जबकि शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ 67 रन बनाए। हरमनप्रीत कौर ने भी कप्तानी पारी खेलते हुए 45 रन जोड़े। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा ने तेज रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाया। तेज गेंदबाज रेनुका ठाकुर और स्पिनर दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी की। रेनुका ने अपने स्पेल में 3 विकेट झटके, जबकि दीप्ति ने 2 अहम विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। अंत में इंग्लैंड की पूरी टीम 226 रनों पर सिमट गई।
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के सुनहरे युग की शुरुआत मानी जा रही है। इससे पहले भारत 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुँचा था, लेकिन खिताब जीतने से चूक गया था। इस बार टीम ने अपने पुराने अनुभवों से सीख ली और पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद कहा, यह सिर्फ हमारी टीम की नहीं, बल्कि पूरे देश की जीत है। हमने इस दिन के लिए बहुत मेहनत की थी। लड़कियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन जज्बा दिखाया। वहीं स्मृति मंधाना को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री सहित कई हस्तियों ने टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई और देशभर में जश्न का माहौल है।
यह जीत न केवल भारतीय महिला क्रिकेट को नई पहचान देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। भारत की बेटियों ने साबित कर दिया कि अगर जज्बा हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं। 2025 का यह वर्ल्ड कप भारत के खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।












