RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष विजयदशमी पर पूरे हुए इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के प्रति रस के योगदान को दर्शाने वाला एक विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया .
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष पर दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन हुआ इस अवसर पर पीएम मोदी ने विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया है इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को एक संबोधन दिया संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेविकों ने कभी किसी भी प्रकार की कटुता नहीं दिखाई , उन पर चाहे कितने भी प्रतिबंध लगे हो या उनके विरुद्ध षड्यंत्र हुआ हो परंतु संघ कभी विचलित नहीं हुआ ।
इस मंच पर संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले बोले भी उपस्थित थे ।
पीएम नरेंद्र मोदी स्वयं बहुत समय तक संघ के प्रचारक रहे हैं और बीजेपी में आने से पूर्व उन्होंने संघ के लिए बहुत कार्य किए है , आज भी भारतीय जनता पार्टी अपने विचारों की प्रेरणा संघ से लेती है ,0संघ की स्थापना 1925 डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार नागपुर में की थी संघ का प्रमुख उद्देश्य संस्कृत जागरूकता अनुशासन सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है , दशहरा के दिन इस वर्ष RSS के स्थापना के 100 साल पूर्ण हो रहे हैं ।
भारत की स्वतंत्रता के समय विभाजन हुआ था और उसे विभाजन की पीड़ा ने लाखों परिवारों को बेघर किया था उसमें अपने उत्तरदायित्व का निर्माण करते हुए स्वयंसेवक सबसे आगे की पंक्ति में थे यह केवल राहत नहीं अपितु राष्ट्र की आत्मा को बल देने का कार्य भी किया है 1956 में अंजार के भूकंप में भी स्वयं सेवक राहत बचाव में जुटे थे गुरु जी ने लिखा है किसी दूसरे के दुख को दूर करने से खुद कष्ट उठाना निस्वार्थ हृदय का परिचायक है।
आगे उन्होंने कहा संघ का लक्ष्य एक ही रहा है प्राय , एक भारत श्रेष्ठ भारत , राष्ट्र साधना की यात्रा में ऐसा नहीं की संघ पर आक्रमण नहीं हुए स्वतंत्रता के बाद भी संघ को मुख्य धारा में आने से रोकने के लिए षड्यंत्र हुए गुरु जी को जेल तक भेजा गया ।
संघ के बारे में कहा जाता है इसमें सामान्य लोग मिलकर असामान्य काम करते हैं , संघ ऐसी भूमि है जहां से स्वयंसेवक कि मैं से हम की यात्रा शुरू होती है शाखा में व्यक्ति का सामाजिक मानसिक विकास होता है उनके मन में राष्ट्र निर्माण का भाव पनपता रहता है
स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि अंकित हुई है रस से जुड़ा सिक्का जारी किया गया है सिक्के पर एक तरफ राष्ट्रीय चिन्ह है दूसरी ओर सिंह विराजमान है और भारत माता की छवि और संघ के कार्यकर्ता दिखाई देते हैं ऐसा भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार अंकित हुई है इस सिक्के पर संघ का बोध वाक्य भी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा है की विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं देशभर में इसके लाखों स्वयंसेवक पिछली एक सदी से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित रहे हैं ,
1 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे नई दिल्ली में RSS शताब्दी समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा यहां एक विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का भी जारी किया जाएगा ।












