भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सिंगर पवन सिंह ने राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह न तो चुनाव लड़ने आए थे और न ही उनका राजनीति में आने का कोई इरादा था। उनके इस बयान ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है, क्योंकि कुछ महीने पहले उनके नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि वे लोकसभा चुनाव में भाजपा या किसी अन्य दल से मैदान में उतर सकते हैं।
पवन सिंह ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में किसी पद या शक्ति की लालसा से नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, मैं जनता का कलाकार हूं, नेता नहीं। मेरा मकसद लोगों का मनोरंजन करना और भोजपुरी संस्कृति को आगे बढ़ाना है। राजनीति में आने या चुनाव लड़ने की मेरी कोई योजना नहीं थी और न ही आगे कोई ऐसी मंशा है।
गौरतलब है कि पवन सिंह का नाम पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान काफी चर्चा में आया था। भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया था। तब उनके फैसले को लेकर तरह-तरह की बातें हुईं , कुछ लोगों ने इसे दबाव बताया तो कुछ ने पवन सिंह की राजनीतिक समझदारी का नतीजा कहा। अब उनके इस नए बयान ने उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
पवन सिंह ने कहा कि राजनीति में आकर वे अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करना चाहते थे। “लोग मुझसे गानों और फिल्मों के जरिए जुड़े हैं। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना चाहता हूं, राजनीति में जाकर नहीं, बल्कि अपने कला के जरिये,
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर कभी समाज के हित में कुछ करने का अवसर मिला तो वे बिना किसी राजनीतिक मंच के भी लोगों के लिए काम करेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीति में नफरत नहीं, बल्कि विकास और एकता की भावना को प्राथमिकता दें।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर पवन सिंह के प्रशंसक उनकी तारीफ कर रहे हैं। कई फैंस ने लिखा कि पवन भैया असली हीरो हैं, जिन्हें पद की नहीं, लोगों के दिलों की परवाह है।
इस तरह, भोजपुरी इंडस्ट्री के इस सुपरस्टार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान संगीत और फिल्मों पर ही रहेगा, राजनीति पर नहीं ..












