भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने चार जिला समाज कल्याण अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इन अधिकारियों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप थे। विभाग ने लंबी जांच प्रक्रिया के बाद इन सभी अधिकारियों को दोषी पाया और कार्रवाई को अंतिम रूप दिया।
विभाग के सूत्रों के अनुसार, बर्खास्त किए गए अधिकारियों ने कई सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों में हेराफेरी की थी। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति और विकलांग सहायता जैसी योजनाएं शामिल थीं। जांच में पाया गया कि अधिकारियों ने फर्जी लाभार्थियों के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया था। इसके अलावा, कुछ मामलों में बिल और भुगतान प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की गई थी।
समाज कल्याण विभाग ने केवल बर्खास्तगी तक ही सीमित न रहकर तीन सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। इन अधिकारियों की पेंशन से तय प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि सेवानिवृत्त अधिकारी भी भ्रष्टाचार की प्रक्रिया में शामिल थे और उन्होंने पद पर रहते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग में भूमिका निभाई थी।
विभागीय सचिव ने बताया कि सरकार की शून्य सहनशीलता नीति’ के तहत किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं गरीबों, वृद्धों, छात्रों और दिव्यांगों के कल्याण के लिए होती हैं। ऐसे में अगर अधिकारी ही इन योजनाओं में गड़बड़ी करें, तो यह न केवल प्रशासनिक अपराध है, बल्कि सामाजिक अन्याय भी है।
सरकार ने भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और सशक्त करने का निर्णय लिया है। अब योजनाओं की मॉनिटरिंग डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे लाभार्थियों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी। इसके अलावा, विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए समय-समय पर ऑडिट और निरीक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद अन्य विभागों में भी संदेश गया है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शने के मूड में नहीं है। समाज कल्याण विभाग की यह कार्रवाई न केवल चेतावनी है बल्कि यह प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जनता और सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे भविष्य में योजनाओं का लाभ सही जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।












