मणिपुर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े आठ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राज्य के थौबल और इंफाल जिलों में एक समन्वित अभियान के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए उग्रवादी कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट से जुड़े हुए हैं। इनसे बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ उग्रवादी संगठन के सदस्य राज्य में फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस कमांडो और इंटेलिजेंस यूनिट ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। थौबल जिले में तीन और इंफाल वेस्ट में पांच उग्रवादियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से पिस्टल, राइफल के कारतूस, रेडियो सेट, मोबाइल फोन और संगठन से जुड़ा साहित्य बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन उग्रवादियों में से कई पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कुछ आरोपी राज्य के अलग-अलग इलाकों में संगठन के पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे। उनका मकसद नए सदस्यों की भर्ती और वसूली गतिविधियों को बढ़ाना था।
विशेष रूप से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट यानी ने पिछले साल केंद्र सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह मणिपुर का सबसे पुराना उग्रवादी संगठन है जिसने दशकों तक राज्य में हिंसा और अलगाववाद को हवा दी थी। समझौते के बाद संगठन ने मुख्यधारा में लौटने का वादा किया था। लेकिन अब उसी संगठन के कुछ सदस्यों का फिर से अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका संपर्क किसी बाहरी नेटवर्क या विदेशी समर्थन समूह से है। जांच एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या हथियार तस्करी के जरिए राज्य में हिंसा भड़काने की कोई नई साजिश रची जा रही थी।
मणिपुर में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जातीय और राजनीतिक तनाव के बीच प्रशासन किसी भी उग्रवादी गतिविधि को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहा है। पुलिस ने कहा है कि राज्य में शांति बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
इन गिरफ्तारियों से यह साफ संकेत मिला है कि मणिपुर में शांति प्रक्रिया के बावजूद कुछ तत्व अब भी हिंसा और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि राज्य में स्थायी शांति बहाल की जा सके।












