मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया जब राज्य सरकार के एक मंत्री के काफिले की गाड़ी ने सड़क किनारे जा रहे एक ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति के दोनों पैर टूट गए हैं। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंत्री का काफिला तेज रफ्तार में गुजर रहा था। इसी दौरान अचानक सामने आए ई-रिक्शा को बचाने की कोशिश में एक वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रिक्शा पलट गया और सवार सभी लोग सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को सड़क किनारे से हटाकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मंत्री के काफिले में शामिल गाड़ियों में से एक ने नियंत्रण खोने के कारण यह हादसा किया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और ड्राइवर से पूछताछ जारी है।
घायलों में रामचरण मीणा 65, सीमा बाई 32, राजेश कुमार 28, गीता देवी 25 सहित अन्य लोग शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार, दो लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
हादसे की जानकारी मिलने पर मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे के लिए जिम्मेदार ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस ने धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना ने एक बार फिर वीआईपी काफिलों की तेज रफ्तार और लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।












