नई दिल्ली, 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर राजधानी के यमुनापार क्षेत्र में
श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त से ही शिव मंदिरों में दर्शन-
पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और “हर-हर महादेव” व “बम-बम भोले” के
जयघोष से पूरा इलाका शिवमय हो उठा। व्रत, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के साथ पर्व
शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
लक्ष्मी नगर, शकरपुर, गीता कॉलोनी, कृष्णा नगर, प्रीत विहार, मयूर विहार, शाहदरा, यमुना विहार,
अशोक नगर, भजनपुरा, करावल नगर और मंडोली रोड रामनगर सहित आसपास के प्रमुख शिवालयों
में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, भस्म और धतूरा
अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव
चालीसा पाठ और शिव पुराण कथा के आयोजन ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किए। मंदिर परिसरों के
आसपास बैरिकेडिंग की गई, वहीं स्वयंसेवी संगठनों ने सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को जल, फल
और प्रसाद वितरित किया। कई स्थानों पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर और स्वच्छता अभियान भी
चलाए गए।
महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा, जबकि युवाओं और बच्चों में भी पर्व को
लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। क्षेत्र में भगवान शिव की बारात की आकर्षक झांकियां निकाली
गईं। शाम होते ही मंदिरों में दीप प्रज्वलित किए गए और भजन-कीर्तन व जागरण के कार्यक्रम देर
रात तक चलते रहे।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक
पर्व है और इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से दुख-कष्ट दूर होकर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूरे यमुनापार क्षेत्र में पर्व के दौरान शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धा और
सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित हुआ।












