मोकामा में हाल ही में हुई सनसनीखेज हत्या ने बिहार की सियासत को हिला कर रख दिया है। इस मामले पर जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने सत्तारूढ़ नेताओं और राजनीतिक दलों पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जब बाहुबलियों और अपराधियों को राजनीतिक दल टिकट देंगे, उन्हें मंच पर सम्मानित करेंगे, तो हत्या और अपराध की घटनाएँ कैसे रुकेंगी?
पप्पू यादव ने कहा कि मोकामा की यह हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था की हत्या है। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि कुछ दल सिर्फ वोट बैंक की राजनीति में इतने अंधे हो गए हैं कि अपराधियों को संरक्षण देना, उनके हाथों निर्दोष लोगों की जान जाना, अब आम बात बन गई है। यादव ने कहा, जब आप अपराधियों को टिकट देंगे, उन्हें नेता बना देंगे, तो वो राजनीति को अपराध का अड्डा बना देंगे। फिर मोकामा जैसी हत्याएँ होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर बिहार पुलिस और प्रशासन ऐसी घटनाओं पर कब तक केवल बयानबाजी करता रहेगा। उन्होंने मांग की कि मोकामा हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो तथा दोषियों को किसी भी राजनीतिक दबाव से परे सख्त सजा दी जाए। पप्पू यादव ने कहा कि कानून का राज स्थापित करने के लिए जरूरी है कि सरकार ऐसे लोगों को संरक्षण देना बंद करे जो राजनीति के नाम पर अपराध कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में सुशासन की बात करने वाले आज अपराधियों के साथ खड़े हैं। जनता डर के साये में जी रही है और सरकार अपराधियों के साथ मंच साझा कर रही है।
पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि अगर ऐसे मामलों में सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो उनकी पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपराधियों और बाहुबलियों को नेता चुनने की गलती न दोहराएँ।
मोकामा हत्याकांड पर पप्पू यादव के इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार और सत्तारूढ़ दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन एक बात साफ है ,बिहार की राजनीति में बाहुबली बनाम जनता की बहस फिर से गरम हो उठी है।












