दुलारचंद यादव की हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार देर रात हुई इस घटना ने राजनीतिक सरगर्मी के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जानकारी के अनुसार, दुलारचंद यादव शुक्रवार रात किसी काम से घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की। गोली उनकी एड़ी में लगी, जिसके बाद वे जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि दुलारचंद यादव के हृदय पर दबाव के निशान पाए गए हैं और गोली उनके एड़ी में लगी थी। इससे संकेत मिलता है कि गोली लगने के बाद उन पर किसी तरह का शारीरिक दबाव या मारपीट की गई हो सकती है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक रंजिश या व्यक्तिगत दुश्मनी की आशंका जताई जा रही है। अब तक चार प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो थानेदारों को निलंबित कर दिया गया है।
हत्या की खबर फैलते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों और जनसुराज समर्थकों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
जनसुराज पार्टी के नेताओं ने दुलारचंद यादव की हत्या को लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने की साजिश बताया है और सरकार से शीघ्र न्याय की मांग की है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था विफल होने का आरोप लगाया है।
फिलहाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मोकामा का माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है।












