मोकामा विधानसभा सीट में इस बार का मुकाबला बेहद अहम और प्रत्यक्ष रुप से निर्णायक हो गया है। यहाँ के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं अनंत सिंह और वीणा देवी । अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक जमीन को पुनः पुख्ता करने के लिए जनता दल युनाइटेड JDU के टिकट पर नामांकन किया है। वहीं वीणा देवी को राष्ट्रीय जनता दल RJD ने उम्मीदवार बनाया है , वे पूर्व सांसद और स्थानीय प्रभावशाली नेता सूरजभान सिंह की पत्नी हैं।
मोकामा पूर्व से ही बहुबली राजनीति के लिए जाना जाता रहा है। अनंत सिंह और सूरजभान सिंह दोनों ही इलाके में लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं। इस बार इस प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र में ये दोनों राजनीतिक लोकपाल एक-दूसरे के सामने सीधे आ गए हैं। મતलब ये कि पुराने समीकरणों और वफादार मतदाताओं की दिशा दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं।
गिनती के समाचार बताते हैं कि अनंत सिंह इस मुकाबले में फिलहाल अंदाज़े से आगे चल रहे हैं। जैसे ही वोटों की गिनती आगे बढ़ी, उन्होंने वीणा देवी के विरुद्ध वोटों की बढ़त हासिल की है।
इस स्थिति के पीछे कई प्रमुख कारक काम कर रहे हैं मोकामा की पारंपरिक राजनीति, जातिगत समीकरण, स्थानीय विकास-मुद्दे और परंपरागत नेताओं की पकड़। अनंत सिंह ने अपनी लंबी राजनीतिक पारी और स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन से लाभ लिया है। वहीं वीणा देवी को सूरजभान सिंह के प्रभाव और RJD के संगठन-शक्ति से उम्मीद थी।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि चुनावी माहौल केवल मतदान तक सीमित नहीं रहा पहले से ही दोनों ओर तरफ से विशाल स्तर पर जश्न-तैयारी, मीठे प्रसाद के वितरण, रोडशो और प्रचार की गहमागहमी देखी गई है। मोकामा के समीकरण में यह दिखाता है कि यहाँ बहुत कुछ बहुबली-शैली की राजनीति का हिस्सा है।
संक्षिप्त में, मोकामा सीट इस बार एक सीधी और निर्णायक लड़ाई का मैदान बन चुकी है जहाँ अनंत सिंह अपनी पुरानी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और वीणा देवी-सूरजभान सिंह की जोड़ी इसे पलटने का प्रयास कर रही है। परिणाम चाहे जो आएँ, इसके असर सिर्फ मोकामा तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि बिहार के राजनीतिक नक्शे पर भी बयान देंगे।
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