गाजियाबाद, 15 फरवरी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी नोटिस के
निस्तारण के लिए निर्वाचन विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिन मतदाताओं को नोटिस
भेजे गए हैं, वह निर्धारित नंबर पर वीडियो कॉल कर अपना पक्ष रख सकेंगे। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों
और बाहर काम करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। जिले में अब तक 1,55,882 मतदाताओं को
नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें नाम, पते, आयु या अन्य विवरणों में त्रुटि पाए जाने पर
स्पष्टीकरण मांगा गया है। पहले मतदाताओं को बीएलओ या संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर
सुनवाई करानी पड़ती थी, लेकिन अब वीडियो कॉल के माध्यम से भी दस्तावेज दिखाकर प्रक्रिया पूरी
की जा सकेगी।
अधिकारियो के अनुसार अब तक 76,558 नोटिसों की सुनवाई हो चुकी है। शेष मामलों के निस्तारण
के लिए अभियान तेज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो कॉल व्यवस्था से
पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी। नोटिस पर दिए गए आधिकारिक नंबर पर वीडियो
कॉल की सुविधा दी गई है। कॉल के दौरान मतदाता अपने दस्तावेज दिखा सकते हैं। बीएलओ या
संबंधित अधिकारी इन दस्तावेजों को देखने के बाद इनका सत्यापन करेगा। जरुरत पड़ी तो व्हाट्सऐप
पर उनके अपने पास मंगवाएगा और उनकी जांच करेगा। सब कुछ ठीक होने पर नोटिस का
निस्तारण करि दिया जाएगा।
दिव्यांग और छात्रों को मिलेगा लाभ : वीडियो कॉल योजना का छात्र, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं
को मिलेगा। जो मतदाता दूसरे जिले या राज्य में रह रहे हैं या फिर नौकरीपेशा और विद्यार्थी हैं उन्हें
कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वे जहां भी होंगे वहीं से वीडियो कॉल के जरिए अपनी संबंधित अधिकारी
से बात करके अपने वोट से संबंधित समस्या का निस्तारण करा सकेंगे।
जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुआ है, वे समय सीमा के भीतर जवाब अवश्य दें। वीडियो कॉल
के जरिए भी नोटिस पर दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। समय पर जवाब न देने की स्थिति
में नाम विलोपन की कार्रवाई भी हो सकती है।
-सौरभ भट्ट, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी












