गाजियाबाद, 15 फरवरी सिटी थाना क्षेत्र में युवती को शादी का झांसा देकर 25
लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि रकम गंवाने और लगातार
मानसिक दबाव में रहने के कारण युवती डिप्रेशन में चली गई और जहरीला पदार्थ खा लिया। रविवार
को अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थानाक्षेत्र के गांव में रहने वाले
व्यक्ति के परिवार में पत्नी और बेटे के अलावा 22 वर्षीय बेटी थी। पीड़ित पिता के मुताबिक बेटी की
शादी के लिए उन्होंने उसके बैंक खाते में समय-समय पर रकम जमा कराई थी। खाते में कुल 25
लाख रुपये थे। बीते करीब एक साल से वह बेटी से खाते से रकम निकालने की बात कर रहे थे,
लेकिन बेटी टालमटोल करती रही और तनाव में रहने लगी। शनिवार को बेटी रोज की तरह कपड़े की
दुकान खोलने घर से निकली थी। कुछ देर बाद जब उसका भाई दुकान पर पहुंचा तो बेटी खून की
उल्टियां करती मिली। पूछने पर उसने जहरीली गोलियां खाने की बात बताई। आनन-फानन में
परिजन उसे सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।
सहेली पर गंभीर आरोप पीड़ित पिता का आरोप है कि शिब्बनपुरा में उनकी बेटी की एक सहेली रहती
है। दोनों आठवीं से बीए तक साथ पढ़ी थीं और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। इसी वजह से
उसे बेटी के बैंक खाते और उसमें जमा रकम की पूरी जानकारी थी। आरोप है कि सहेली ने अपने
पुरुष मित्र और भाभी के साथ मिलकर रकम हड़पने की साजिश रची। योजना के तहत उनकी बेटी
की मुलाकात दिल्ली निवासी एक युवक से कराई गई। युवक ने शादी का झांसा देकर उनकी बेटी से
नजदीकियां बढ़ाईं और फिर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उससे बैंक खाते की रकम ट्रांसफर करा
ली। बाद में पता चला कि आरोपी युवक पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। आरोप है
कि हड़पी गई रकम से सहेली ने अपने पुरूष मित्र से शादी कर ली। जहर खाने से पहले हुई थी युवक
से बातचीत पिता ने दिल्ली निवासी युवक पर बेटी के अश्लील फोटो-वीडियो होने का अंदेशा भी
जताया है। आरोप है कि उन्हीं के जरिये युवक उनकी बेटी को ब्लैकमेल भी कर रहा था, जिससे वह
मानसिक रूप से टूट गई थी। जहर खाने से ठीक पहले बेटी और आरोपी युवक के बीच बातचीत हुई
थी, जिसमें युवक ने शादी से साफ इनकार कर दिया। मां से बातचीत में भी बेटी ने अपने तनाव
और धोखे से जुड़ी कुछ बातें बताई थीं। सात माह पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश पिता ने
बताया कि करीब सात माह पहले भी उनकी बेटी ने अंग्रेजी दवा की 25 गोलियां खाकर आत्महत्या
का प्रयास किया था। उस समय उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एसीपी वेव सिटी से शिकायत की थी,
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो आज उनकी बेटी
जिंदा होती। वहीं, युवती के चाचा का कहना है कि रकम वापसी को लेकर उन्होंने आरोपियों से
बातचीत भी की थी। दबाव बनाने पर सहेली और उसकी भाभी ने कुछ चेक दिए थे।












