उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1978 के सांप्रदायिक दंगे के आरोपी मोहम्मद जुबैर के कोल्ड स्टोरेज पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण अवैध रूप से सरकारी जमीन पर किया गया था, जिसके चलते इसे ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी प्रकार का विरोध या तनाव उत्पन्न न हो।
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद जुबैर का यह कोल्ड स्टोरेज शहर के बाहरी इलाके में स्थित था और कई सालों से संचालित हो रहा था। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि स्टोरेज का एक हिस्सा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करके बनाया गया है। जांच में जब यह बात सही पाई गई, तो जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम, नगर पालिका और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जुट गए, लेकिन पुलिस ने किसी को भी नजदीक नहीं आने दिया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद जुबैर पर 1978 के संभल दंगों में शामिल होने का आरोप था, जिसके चलते उसका नाम उस समय काफी चर्चित हुआ था। तब से वह स्थानीय स्तर पर एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में उभरा था। हालांकि, अब उसके खिलाफ अवैध कब्जे की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार अवैध निर्माण और अतिक्रमण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून के तहत की गई है और इसमें किसी प्रकार की राजनीतिक या व्यक्तिगत भावना शामिल नहीं है।
स्थानीय प्रशासन के इस कदम को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे प्रशासन की सख्ती बताया है, तो कुछ ने राजनीतिक कार्रवाई कहकर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है।












