मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को किसानों के हित में एक बड़ी पहल करते हुए राज्य के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के बैंक खातों में 233 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। यह राशि भावांतर भुगतान योजना के तहत दी गई है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनके फसलों का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में गिरते दामों से सुरक्षा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई, और यह राज्य किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर मेहनतकश किसानों ने अपनी लगन और परिश्रम से एक नई पहचान बनाई है। आज मध्य प्रदेश को पूरे देश में ‘सोयाबीन स्टेट’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों ने मिलकर राज्य को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाया है। भावांतर योजना ने किसानों को बाजार की अस्थिरता से बचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सीएम ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि कर रही है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार भी इस दिशा में किसानों को अतिरिक्त सहायता देने के लिए काम कर रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी किसान नुकसान में न रहे। भावांतर योजना इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जब बाजार में फसल की कीमतें समर्थन मूल्य से कम हो जाती हैं, तो सरकार किसानों को अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजती है। इस व्यवस्था से किसानों को न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि उनकी आय में स्थिरता भी आती है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे नवीनतम तकनीकों को अपनाएं और प्राकृतिक खेती की ओर भी कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सरकार बीज, सिंचाई, भंडारण और विपणन से जुड़ी सभी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है ताकि किसानों को हर स्तर पर सहयोग मिल सके।
इस अवसर पर कृषि मंत्री, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान भी मौजूद रहे। किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से उन्हें लगातार लाभ मिल रहा है। भावांतर योजना से उन्हें अपने परिश्रम का सही मूल्य मिला है और यह कदम निश्चित रूप से प्रदेश के कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाएगा।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल न केवल किसानों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।












