हरियाणा कीलो महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार की ओर से शुरू की गई ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ एक नई उम्मीद बनकर आई है। इस योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये की पहली किस्त मिलने के बाद उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है।
राज्य के विभिन्न जिलों में महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। जैसे ही महिलाओं को यह राशि प्राप्त हुई, उन्होंने सरकार के इस कदम का स्वागत किया। कई महिलाओं ने कहा कि यह राशि उनके छोटे-छोटे सपनों को पूरा करने में मददगार साबित होगी। कुछ महिलाएं इसे अपने बच्चों की पढ़ाई या घर की जरूरतों पर खर्च करने की योजना बना रही हैं, तो कुछ इस राशि से खुद के छोटे व्यवसाय शुरू करने का विचार रखती हैं।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। कई लाभार्थियों ने बताया कि इससे उन्हें यह एहसास हुआ है कि सरकार वास्तव में महिलाओं की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य हर महिला को सशक्त बनाना है ताकि वह अपने निर्णय खुद ले सके और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभा सके। उन्होंने बताया कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है और आने वाले समय में और भी लाभ दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
योजना के तहत सरकार महिलाओं के लिए विभिन्न चरणों में सहायता प्रदान करेगी। यह केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों की महिलाएं, जो अब तक आर्थिक रूप से पिछड़ी थीं, इस योजना को एक अवसर के रूप में देख रही हैं। वे मानती हैं कि यदि सरकार इसी तरह कदम उठाती रही, तो आने वाले वर्षों में हरियाणा महिलाओं के सशक्तिकरण का मॉडल राज्य बन सकता है।
कुल मिलाकर, लाडो लक्ष्मी योजना ने हरियाणा की महिलाओं के जीवन में नई रोशनी भर दी है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुकी है।












