बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को केंद्र में रखा गया है। इस संकल्प पत्र में राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा पेश की गई है, जिसमें रोजगार, कौशल विकास, औद्योगिक विस्तार, खेल, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। एनडीए ने दावा किया है कि आने वाले वर्षों में बिहार को एक आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में खड़ा किया जाएगा।
संकल्प पत्र में सबसे अधिक जोर रोजगार सृजन पर दिया गया है। सरकार ने एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया है, जिसमें सरकारी योजनाओं, उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा देकर अवसर सृजित किए जाएंगे। हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर अपने ही क्षेत्र में मिल सकें। साथ ही, राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण पर भी एनडीए ने विशेष ध्यान दिया है। संकल्प पत्र में कहा गया है कि महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार ने वादा किया है कि महिला उद्यमियों के लिए विशेष ऋण योजनाएं और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। एनडीए ने घोषणा की है कि स्कूलों में आधुनिक शिक्षा पद्धति लागू की जाएगी, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खोलने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है।
खेल और युवा विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य भर में खेल अकादमियां और स्टेडियमों के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि युवा खेल के क्षेत्र में करियर बना सकें।
कुल मिलाकर, एनडीए का यह संकल्प पत्र बिहार के विकास की एक व्यापक रूपरेखा पेश करता है, जो नीतीश कुमार के “सुशासन” और “विकासशील बिहार” के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।












