राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून आगमन और आगामी विधानसभा सत्र में उनके विशेष संबोधन के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने सोमवार को शहर के 30 स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रारंभ में केवल 20 स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैफिक विभाग से परामर्श के बाद 10 और स्कूलों को इस सूची में शामिल किया गया। इस प्रकार अब कुल 30 स्कूलों में एक दिन का अवकाश रहेगा। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति का कार्यक्रम काफी संवेदनशील है, और उनके काफिले के गुजरने वाले मार्गों पर किसी भी तरह की भीड़भाड़ या यातायात अवरोध नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर देहरादून में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन ने मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है तथा शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक विभाग ने विशेष मार्ग योजना भी तैयार की है, जिसके तहत कुछ सड़कों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जाएगा या डायवर्ट किया जाएगा।
विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन कैमरों की मदद से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी, जबकि स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाएँ और यातायात नियमों का पालन करें।
शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों में अवकाश की सूचना जारी कर दी है। जिन स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, उनमें अधिकांश विद्यालय राष्ट्रपति के मार्ग या विधानसभा क्षेत्र के आसपास स्थित हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में परीक्षाएँ या विशेष कार्यक्रम निर्धारित थे, उनके लिए वैकल्पिक तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा सत्र में अपने संबोधन के दौरान वे राज्य के विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर अपने विचार रख सकती हैं।
प्रशासन ने कहा कि सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और राष्ट्रपति के स्वागत के लिए देहरादून सजकर तैयार है। जनता में भी राष्ट्रपति के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल है।












