तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। जिले के शिवरमपल्ली इलाके में एक निजी बस और डंपर ट्रक के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा इतना भीषण था कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पुलिस और एंबुलेंस की कई टीमें तुरंत पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब यात्रियों से भरी बस हैदराबाद की ओर जा रही थी। उसी समय सामने से आ रहे एक डंपर ने अचानक गलत दिशा से मुड़कर बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तीव्र थी कि बस में सवार कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य शुरू किया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। रंगारेड्डी के जिला कलेक्टर ने बताया कि घायलों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद के उस्मानिया अस्पताल रेफर किया गया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य किया गया।
इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी साझा की।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन को तत्काल राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि डंपर चालक की लापरवाही इस भीषण दुर्घटना का कारण बनी है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
यह सड़क हादसा न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश के लिए एक दर्दनाक घटना बन गया है। बार-बार हो रहे ऐसे हादसे सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि चालक गति सीमा का पालन करें और थकान की स्थिति में वाहन न चलाएं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।












