प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने शहरवासियों को एक और बड़ी सौगात दी। वाराणसी से खजुराहो तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ शनिवार सुबह प्रधानमंत्री ने स्वयं किया। यह ट्रेन मध्य प्रदेश के खजुराहो और उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बीच तेज़, आरामदायक और आधुनिक रेल संपर्क प्रदान करेगी, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार शाम लगभग पांच बजे वाराणसी पहुंचे। उनके आगमन पर शहर में उत्साह और स्वागत का माहौल देखने को मिला। वाराणसी को प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह हमेशा से मिला है और इस बार भी उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के लिए विकास की एक नई गाड़ी चलाई।
शनिवार सुबह पीएम मोदी बनारस रेल इंजन कारखाना से सीधे बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ किया। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले उन्होंने ट्रेन में सवार बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। बच्चों ने प्रधानमंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और उनसे प्रेरणा ली। पीएम मोदी ने बच्चों से उनके अनुभव पूछे और उन्हें देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।
वाराणसी से खजुराहो तक चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यह ट्रेन यात्रियों को तेज, स्वच्छ और सुरक्षित सफर का अनुभव कराएगी। इस मार्ग पर पर्यटन और व्यापार दोनों को नई गति मिलने की उम्मीद है। खजुराहो, जो अपने विश्व प्रसिद्ध मंदिरों और कला के लिए जाना जाता है, अब वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक नगर से सीधे वंदे भारत के माध्यम से जुड़ गया है। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे भारत ट्रेनें न्यू इंडिया की गति और प्रगति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें देश की नई ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर रेलवे कर्मचारियों, इंजीनियरों और बरेका के सभी कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने इस सपने को साकार किया।
वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से बिहार के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा भी राजनीतिक और विकासात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पीएम मोदी लगातार अपने संसदीय क्षेत्र और पड़ोसी राज्यों में विकास योजनाओं को नई दिशा दे रहे हैं।
वाराणसी से खजुराहो तक वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत न केवल यात्रा का नया अध्याय है, बल्कि यह भारत की प्रगति और कनेक्टिविटी के नए युग की प्रतीक भी है।












